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भारतीय लोगों की पहली पंसद बन रहा ई-वाहन टू-व्हीलर बाजार
मई 26, 2021 | By - ABHISHEK PANDEY

भारतीय लोगों की पहली पंसद बन रहा ई-वाहन टू-व्हीलर बाजार

पिछले एक दशक में यदि वैश्विक स्तर पर देखा जाए तो कई देशों में ई-वाहन को लेकर काफी जागरुकता देखी गई है। इसके पीछे 2 कारण है, जिसमें एक पर्यावरण से जुड़ा जबकि दूसरा वैश्विक स्तर पर लगातार कच्चे तेल की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी जिसका असर कई देशों की अर्थव्यस्था पर पड़ते हुए देखा जा सकता है।

यदि ऑटो इंडस्ट्री के भविष्य को लेकर बात की जाए तो जहां पहले चौपहिया वाहनों में इलेक्ट्रिक सेगमेंट को लेकर क्रेज देखने को मिल रहा था। वहीं अब यह दोपहिया वाहनों पर भी लागू होते दिख रहा है। जिसमें कई बड़ी 2 व्हीलर कंपनिया भी अपने ई-वाहन को बाजार में काफी तेजी के साथ समय की मांग को देखते हुए उतार रही हैं।

विदेशों के अलावा भारत में यदि ई-वाहन को लेकर बात की जाए तो पिछले 10 सालों में ईंधन की बढ़ती कीमतों के चलते अब कई लोग ई-वाहन की तरफ कदम बढ़ाते दिख रहे हैं। जिसमें सरकार भी इस क्षेत्र में लगातार कई तरह की योजनाए लागू करने के साथ लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए जागरुक करती दिखाई दे रही है।

भारत में क्या है ई-वाहन का भविष्य

दुनिया की सबसे बड़ी ई-वाहन निर्मता कंपनी अमेरिका की टेस्ला साल 2021 में भारत में अपने 3 शोरूम खोलने जा रही है। जिससे साफ तौर पर पता चलता है कि वह यहां अपनी इलेक्ट्रिक कारों के जरिए भारतीय ऑटो बाजार में भी धाक जमाना चाहती है। हालांकि इन कारों की कीमतों को लेकर बात की जाए तो वह मध्यम वर्गीय परिवार के लिए काफी महंगी साबित हो सकती हैं। लेकिन उनके पास दोपहिया वाहन के रुप में कई शानदार विकल्प मौजूद होंगे जिनको लेकर पिछले कुछ समय से बाजार में काफी हलचल भी देखने को मिल रही है।

दोपहिया ई-वाहन के तौर पर मौजूद हैं यह शानदार विकल्प

यदि भारत में 2 व्हीलर इलेक्ट्रिक वाहन के तौर पर विकल्पों पर बात की जाए जिसपर आम लोग अपना भरोसा जता सके तो उसमें इस समय एक बड़ा नाम बजाज चेतक आता है। साल 1972 में बजाज ऑटो ने भारतीय सड़कों पर चेतक स्कूटर को लॉन्च किया था जिसका डिजाइन वेस्पा स्प्रिंट से और नाम महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक से लिया गया था। इसकी शुरुआती 1,000 यूनिट काफी तेजी से बाजार में बिक गई और इसकी मांग भारतीय बाजार में इस कदर बढ़ी की लोगों को एक वक्त लगभग 20 महीने तक इंतजार करने के बाद इस स्कूटर को खरीदने का मौका मिलता था।

लेकिन बदलते समय के साथ कई ब्रांड बाजार में आने के चलते साल 2005 में कंपनी ने इसके प्रोडक्शन को बंद करने का फैसला किया था। अब एकबार फिर इसमें कई बड़े बदलाव के साथ बजाज ने चेतक को 2 व्हीलर ई-वाहन के तौर पर पेश किया है। जिसकी डिजाइन से लेकर फीचर्स लोगों के बेहद पसंद आए हैं। अप्रैल महीने में चेतक की बिक्री में 464.44 फीसदी की वृद्धि देखने को मिली है।

इसका प्रमुख कारण लोगों का इस ब्रांड पर भरोसा होने के साथ शानदार फीचर्स हैं। यह स्कूटर सिंगल चार्ज में इको मोड पर अधिकतम 95 किलोमीटर की रेंज प्रदान कर सकता है।वहीं स्पोर्ट मोड में आपको 85 किलोमीटर का रेंज मिलेगी, इसकी बैटरी को 5 घंटे में फुल चार्ज किया जा सकता है।

अन्य विकल्प हैं मौजूद

साल 2021 के अंत तक भारतीय ऑटो बाजार में कई 2 व्हीलर ब्रांड अपने ई-स्कूटर को लान्च कर देंगे जिसमें सुजुकी मोटरसाइकिल इंडिया भी अपना बर्गमैन इलेक्ट्रिक को लेकर तैयार है। इसके अलावा ओकिनावा आई प्राइस स्कूटर जिसमें 1,000 वॉट की वॉटर प्रूफ मोटर और 3.3 किलो की लिथियम ऑयन बैटरी दी गई है यह भी एक शानदार विकल्प बन सकता है।

वहीं बेंगलुरू बेस्ड इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स निर्माता कंपनी Ather Energy की तरफ से आने वाले Ather 450X स्कूटर में दी गई बीएलडीसी मोटर 5.4 किलोवाट की पावर जनरेट करती है। ऐथर 450X में 2.4 किलो की लिथियम बैटरी दी गई है, जिसे 0 से 80 फीसदी तक चार्ज करने में सिर्फ 2 घंटे का समय लगता है।

आखिर एक साल में ई-वाहन से कितनी होगी बचत

ई-वाहन को लेकर सबसे पहली बात जो लोगों के दिमाग में आती है कि यदि इसे खरीद लेगें तो एक साल में वह कितने रुपए का ईंधन बचाने के साथ अन्य खर्चों पर भी लगाम लगा सकते हैं। जिसे समझना बेहद आसान है यदि कोई ग्राहक 1 लाख रुपए की कीमत का 2 व्हीलर ईवी खरीदता है तो उसे चार्ज करने में लगभग 2 यूनिट बिलजी की जरूरत होगी।

जिसमें 10 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से 20 रुपए खर्च होंगे और यदि ईवी 50 से 70 किलोमीटर की रेंज देती है तो एक महीने में लगभग 600 रुपए खर्च आएगा। वहीं पूरे साल का खर्च 7,200 रुपए होगा।

इसके मुकाबले मौजूदा समय में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत 100 रुपए हैं जिसमें महिने भर में औसतन हर व्यक्ति 3,000 रुपए पेट्रोल में खर्च कर देता है, जिसमें 36,000 रुपए खर्च होंगे। जिसके ई-वाहन के जरिए एक आम व्यक्ति पूरे साल में 30,000 रुपए की बचत सीधे तौर पर कर सकता है। जिसके बाद लगभग 4 साल में वह अपनी गाड़ी की पूरी कीमत को वसूल कर लेगा वहीं उसे मेंटनेंस पर वारंटी के चलते 5 साल तक एक रुपए भी गाड़ी पर खर्च नहीं करने पड़ेंगे।

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