ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर के बारे में वो सबकुछ जो आप जानना चाहते हैं!
मई 6, 2021 | By - Abhishek Pandey

ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर के बारे में वो सबकुछ जो आप जानना चाहते हैं!

कोरोना महामारी ने एक तरफ जहां पूरी दुनिया में हाहाकार मचा रखा है, वहीं दूसरी तरफ इस महामारी के चलते कई देशों की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं भी चरमरा गईं हैं। इसका एक सबसे बड़ा उदाहरण भारत में भी देखने को मिल रहा है। जहां पर इस महामारी की दूसरी लहर के चलते कई लोग सिर्फ ऑक्सीजन जैसी बुनियादी चीज ना मिलने के चलते अपनी जान गंवा बैठे हैं। ऑक्सीजन की कमी पूरे भारत में इस कदर देखने को मिली कि सरकार को इसके लिए विशेष उपायों के तहत वायुसेना को इस काम में लगाना पड़ा। लेकिन इसी बीच एक नाम काफी तेजी से सामने आया और वह ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर (Oxygen Concentrator) जिसकी मांग काफी तेजी से बढ़ते हुए देखी गई खासकरके कोरोना संक्रमण (Covid-19) के दौरान होम आइसोलेशन में मौजूद मरीजों के बीच।

आखिर क्या है ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर (Oxygen Concentrator)

यह एक ऐसी मेडिकल डिवाइस है, जो आसपास की हवा से ऑक्सीजन में मिश्रित अन्य गैसों को बाहर निकालकर 90 से 95 फीसदी तक शुद्ध ऑक्सीजन को एक सिलिंडर में इक्ट्ठा करता है। बता दें कि पर्यावरण में 78 फीसदी नाइट्रोजन और 21 फीसदी ऑक्सीजन गैस होती है।

वहीं ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर शरीर के लिए जरूरी ऑक्सीजन की आपूर्ति में उसी तरह से करते हैं जैसे कि ऑक्सीजन टैंक या सिलेंडर हालांकि अंतर सिर्फ इतना है कि सिलेंडरों को बार बार भरने की जरूरत पड़ती है जबकि ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर चौबीसों घंटे सातों दिन काम कर सकते हैं।

कब और किसे करना चाहिए इसका उपयोग

अब बात की जाए कि आखिर इस ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर का उपयोग किसी व्यक्ति को कब करना चाहिए तो भारत सरकार के अनुसार जब कोरोना संक्रमित मरीज की स्थिति मॉडरेड हो और उसके शरीर का ऑक्सीजन स्तर 90 फीसदी से नीचे चला गया हो। एक स्वस्थ व्यक्ति प्रत्येक मिनट 5 लीटर ऑक्सीजन की जरूरत होती है और इसी के आधार पर डॉक्टर तय करते हैं कि मरीज को ऑक्सीजन की जरूरत है या नहीं। जिसका सीधा मतलब ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर का उपयोग किसी मरीज को डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए।

सबसे अहम जानकारी

ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर खरीदने से पहले इस बात का पता होना चाहिए कि मरीज को कितने लीटर ऑक्सीजन की जरूरत है क्योंकि यह 2 क्वालिटी में आता है। जिसमें यदि किसी मरीज को प्रत्येक मिनट एक या 2 लीटर ऑक्सीजन की जरूरत होती है, तो 5 लीटर वाले कॉन्सेंट्रेटर से 90 फीसदी शु्द्धता के साथ ऑक्सीजन की सप्लाई मिलती है। लेकिन यदि मरीज को प्रतिमिनट 5 लीटर या उससे अधिक की ऑक्सीजन जरूरत पड़ती है, तो शुद्धता 80 फीसदी से नीचे जा सकती है।

जिसका सीधा मतलब है कि जब कोई यह खरीद रहा हो तो उसे यह पता होना चाहिए कि उसके रोगी को कितने लीटर ऑक्सजीन की जरूरत है। जिसका सीधा मतलब कॉन्सेंट्रेटर की कैपेसिटी रोगी की ऑक्सीजन जरूरत के हिसाब से अधिक होनी चाहिए। यदि प्रति मिनट 2 से 3 लीटर की आवश्यकता है, तो 5 लीटर वाला कॉन्सेंट्रेटर की और यदि उससे अधिक की जरूरत है, तो 10 लीटर वाले जनरेटर उपयोगी साबित होगा।

2 तरह के ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर इस समय उपलब्ध हैं

यदि बाजार में उपलब्ध कॉन्सेंट्रेटर की बात करें तो इस समय स्टेशनरी और पोर्टेबल ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर उपलब्ध हैं। दोनों ही तरह के उपकरणों में ऑक्सीजन बनाने के लिए रिफिल कराने की जरूरत नहीं होती। हालांकि, स्टेशनरी कॉन्सेंट्रेटर सीधे बिजली से चलते हैं जबकि पोर्टेबल बैटरी पर भी चल सकता है।

भारत को इन देशों ने भेजे ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर

भारत में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बीच ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए विश्व के कई देश मदद के लिए आगे आए हैं। इसमें से ब्रिटेन ने 495, मॉरिसस ने 200, रोमानिया ने 80 ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेंटर भेजे हैं। जबकि फ्रांस ने 8 ऑक्सीजन जनरेटर मदद के लिए भेजे हैं। वहीं यूएई ने भारत को 157 वेंटीलेटर, 480 बाईपैप और फेस मास्क की सहायता भेजी है। इसके अलावा भारत सरकार ने भी प्रधानमंत्री राहत कोष से 1 लाख ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर खरीदने का फैसला किया है।

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