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संयुक्त अरब अमीरात ने बना डाली अपनी स्वदेशी वैक्सीन हयात-वैक्स
मई 12, 2021 | By - Vaibhav Sharma

संयुक्त अरब अमीरात ने बना डाली अपनी स्वदेशी वैक्सीन हयात-वैक्स

दुनियाभर में वैक्सीन को लेकर लगातार नई नई सूचनाएं आ रही है। इसी कड़ी में संयुक्त अरब अमीरात यूएई ने अपनी स्वदेशी वैक्सीन को ईजाद कर लिया है। जल्द ही ‘हयात-वैक्स’ (Hayat-Vax) लोगों तक पहुंचनी शुरू हो जाएगी। यह सूचना आते ही मध्य पूर्व के देशों में उल्लास का माहौल है। आज AlShorts आपको इन वैक्सीन के निर्माण से लेकर इससे जुड़ी सारी जानकारी उपलब्ध करवाएगा।

UAE Corona Vaccine Hayat-Vax

कैसे किया यूएई ने हयात-वैक्स का कारनामा?

हाल ही में राष्ट्रीय आपात संकट और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (National Emergency Crisis and Disasters Management Authority) ने वैक्सीन के वितरण की घोषणा शुरू कर दी थी। जिसके बाद इसके वितरण की सूचनाएं भी आने लगी हैं।

 

यहां बनाई गई वैक्सीन

  • अमीरात दवा निर्माता जुल्फर के संयंत्र में रास अल खैमा में इसे निर्मित किया गया
  • जिसका नाम सर्वसम्मति से हयात-वैक्स रखा गया है।
  • अरबी में हयात का अर्थ है जीवन।
  • इस दौरान अबू धाबी ग्रुप 42 ने जुल्फर के साथ मिलकर इस वैक्सीन पर काम किया।
  • अनुमति मिलने के बाद चीन के साथ एक समझौते के अंतर्गत वैक्सीन का निर्माण शुरू किया गया।

 

कोवैक्स के समर्थन में यूएई

वैक्सीन की घोषणा के साथ ही अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायेद ने कहा था कि यूएई विकासशील दुनिया को सस्ती खुराक उपलब्ध कराने के लिए Covax ड्राइव का समर्थन करेगा। उन्होंने कहा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की मुहीम को आगे बढ़ाते हुए हम सभी देशों में वैक्सीन के सामान वितरण को जोर देते हैं। उन्होंने का कि दुनिया में हर व्यक्ति को सामान रूप से टीके प्राप्त करने का अधिकार भी है। हाल ही में Covax के जरिए 2 बिलियन खुराकों में से 50 मिलियन पूरी दुनिया को दी गई है।

 

भारत से भी थी उम्मीदें

रिपोर्ट के अनुसार शुरुआती समय में भारत ने कई देशों की मदद की थी, देश ने लगभग करोड़ों की संख्या में वैक्सीन कई प्रमुख देशों तक पहुंचाई थी। लेकिन, भारत में अचानक हुए नए वेरिएंट के हमले से कई देशों में जाने वाली खेप रोक दी गई। इस ओर ध्यान आकर्षित करते हुए यूएई ने कहा है कि इस दिशा में दुनियाभर को अब मदद मुहैया करवाई जाएगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस वैक्सीन को भारत में भी भेजे जाने की संभावनाएं हैं।

 

सामान्य फ्रिज के तापमान पर रखी जा सकेगी हयात-वैक्स

हयात-वैक्स को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि यह वैक्सीन समय फ्रिज के तापमान पर भी रखी जा सकती है। यानि इसके बर्बाद होने का खतरा भी बेहद कम हो गया है। जबकि कई देशों कि वैक्सीन को एक खास किस्म के कोल्ड स्टोरेज की जरूरत पड़ती है। शायद इसी खासियत के चलते दुनियाभर में इसे मान्यता दी गई है।

 

अफ्रीकी देशों के लिए सबसे महत्वपूर्ण होगी हयात-वैक्स

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अफ्रीकन देशों में कई देश आपूर्ति के लिए Covax (African countries depends on Covax) पर निर्भर हैं। ऐसे में यहां फाइजर-बायोटेक और मॉडर्ना टीकों को स्टोर करने के लिए बुनियादी ढांचे का अभाव है। इसके चलते हयात-वैक्स वहां वितरण के लिए अधिक उपयुक्त हैं।

 

टीके की प्रभावकारिता भी जान लीजिए

  • सिनोफार्म के साथ तैयार किए गए इस टीके को 45 देशों में इस्तेमाल करने की मंजूरी दी गई है।
  • अब तक 65 मिलियन से ज्यादा डोज दिलवाई भी जा चुकी हैं।
  • यूएई में 3 चरण के नैदानिक परीक्षण के बाद वैक्सीन को मंजूरी देने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है।
  • इस टीके को डब्ल्यूएचओ ने 78 प्रतिशत प्रभावी बताया है।
  • अबू धाबी में किए गए शोध के अनुसार, यह टीका मृत्यु दर को रोकने में 100 प्रतिशत प्रभावी है।
  • अस्पताल में भर्ती रोगियों पर 93 प्रतिशत प्रभावी है।
  • इसके एक टीके को अबू धाबी में इस्तेमाल भी किया जा चुका है।

 

चलते-चलते यूएई के अब तक के कोरोना आंकड़ों पर एक नजर-
कुल जनसंख्या- 9,992,825
कुल मौते- 1,617
कुल रिकवरी- 519,405
एक्टिव केस- 18,116
सभी आंकड़े कोरोना वायरस वर्ल्डओमीटर से संकलित

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