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सीटी स्कैन करवाने जा रहे हैं तो यह रिसर्च पढ़ लीजिए!
मई 4, 2021 | By - Vaibhav Sharma

सीटी स्कैन करवाने जा रहे हैं तो यह रिसर्च पढ़ लीजिए!

अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्।

उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्॥

भारत में कोरोना मामलों की बढ़ती रफ़्तार ने पूरे देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को चिंता की स्थिति में डाल दिया है। दुनियाभर ने इस महामारी के चलते भारत की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाएं हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की मुहीम का असर भारत में आए कोरोना के वेरिएंट के चलते देखने को मिला है। यह साफ नजर आता है कि सभी देश मिलकर इस महामारी से निपटने के लिए तैयार हैं। दुनियाभर में कोरोना महामारी को लेकर कई रिसर्च भी शुरू हो गए हैं, इसी कड़ी में हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की एक रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। यही नहीं भारत में एम्स अस्पताल के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने भी इस ओर ध्यानाकर्षित किया है।

यह खबर सीटी स्कैन से जुड़ी है, इस रिसर्च का कहना है कि सीटी स्कैन से कैंसर (CT scan Causes Cancer) का खतरा बढ़ रहा है। कोरोना की इस दूसरी लहर में सीटी स्कैन कराने वाले लोगों की तादाद (CT Scan For Corona Patient) में अचानक तेजी से बढ़ोतरी हुई है। आज AlShorts आपको एक रिसर्च से जुड़े किस्से के बारे में बताएगा जो आपको कोरोना महामारी के दौरान ध्यान रखने की जरूरत है।

दरअसल, देश में कोरोना महामारी का दूसरा डबल म्यूटेंट वैरिएंट आने से हाहाकार मचा है। ऐसे में यह वायरस इतना अग्रेसिव और चालाक हो चुका है कि यह अब आरटी-पीसीआर टेस्ट (RT-PCR) में भी पकड़ में नहीं आ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे कई केस सामने आए हैं जो आरटी-पीसीआर टेस्ट में तो नेगेटिव थे लेकिन सीटी स्कैन में कोरोना पॉजिटिव पाए गए। पहले समझ लेते हैं सीटी स्कैन की प्रक्रिया-

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सबसे फायदेमंद भी सीटी स्कैन

सीटी स्कैन (CT Scan) या सीएटी स्कैन विशेष प्रकार का टेस्ट होता है जो कि एक एक्स-रे और एक कंप्यूटर के इस्तेमाल से किया जाता है और इस टेस्ट में हमे शरीर में कुछ विशेष अंगो का फोटो बनता है। इससे शरीर में बीमारी का आसानी से पता लगया जाता है। सीटी स्कैन को Computerized Axial Tomography के नाम से भी जाना जाता है। वैसे तो सीटी स्कैन (CT Scan) एक्स-रे का ही एक रूप (CT scans are a type of X-ray) होता है लेकिन यह उससे थोड़ा अच्छा होता है और इससे शरीर के अंगो का चित्र बढ़िया और अच्छे से देखा जा सकता है।

 

Dr. Randeep Guleria

फिर खतरा कैसे हैं?

एम्स निदेशक रणदीप गुलेरिया के अनुसार, कोरोना के शुरुआती लक्षणों के दौरान तुरंत बाद सीटी स्कैन करवाना किसी भी कीमत पर फायदेमंद नहीं है। दरअसल, कोरोना से संक्रमित होने के बाद चेस्ट में पैच आ जाते हैं, जो इलाज के साथ-साथ खत्म भी होते जाते हैं। उन्होंने बताया कि सीटी स्कैन मशीन से निकलने वाले रेडिएशन काफी नुकसानदायक होते हैं, जो 300 एक्सरे के रेडिएशन के बराबर होते हैं। यही वजह है कि सीटी स्कैन रेडिएशन कैंसर का खतरा बढ़ा देता है।

 

हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की रिपोर्ट भी पढ़ लीजिए

रिपोर्ट में कहा गया है कि सीटी स्कैन कराते हुए मशीन से निकलने वाले रेडिएशन कैंसर का खतरा उत्पन्न करते हैं। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि बुजुर्ग लोगों में ये खतरा काफी कम होता है। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के शोधकर्ताओं के अनुसार 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में इसका खतरा कम होता है और उनके शरीर में कैंसर उत्पन्न होने में 20 वर्ष या इससे अधिक समय लग जाता है।

 

Report on CT Scan

सीटी स्कैन करवाने से पहले इस बार अपने डॉक्टर से यह सवाल जरूर करें-

  1. क्या यह मेरी हालत जानने का अंतिम उपाय है?
  2. क्या सीटी स्कैन के वक्त संवेदनशील अंगों के लिए एक्सरे शील्ड का इस्तेमाल होगा?
  3. शरीर पर कितने स्कैन स्कैन किया जाएंगे? उनकी संख्या क्या होगी?

 

अंततः देश के जानेमाने डॉक्टरों की सलाह के अनुसार, कम लक्षणों में सीटी स्कैन ना करवाएं। खासकर, कोरोना के मामलों में सावधान रहे और गाइडलाइन्स का पालन करें। AlShorts आगे भी आपको ऐसे ही मुद्दों पर समय-समय पर जागरूक करता रहेगा।

 

सोर्स: भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय

हार्वर्ड मेडिकल स्कूल

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