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Rasputin: रूस का वह मैड मॉन्क, जिसने मौत को कई बार छकाया!
अप्रैल 15, 2021 | By - Vaibhav Sharma

Rasputin: रूस का वह मैड मॉन्क, जिसने मौत को कई बार छकाया!

आजकल दक्षिण भारत (South India) के केरल का एक डांस वीडियो (Kerala Medical Students Dance Instagram) बेहद चर्चा में है। जिसमें दोनों 1978 के हिट गाने रासपुतिन (boney m rasputin song) पर डांस कर रहे हैं। इनमें से एक छात्र का नाम नवीन के. रजाक है और दूसरी छात्रा का नाम जानकी ओमकुमार (janaki and naveen dance video) है। दोनों त्रिसूर मेडिकल कॉलेज के स्‍टूडेंट हैं, डांस वीडियो वायरल होने के बाद दोनों ही इंटरनेट सेंसेशन बन गए हैं।

सोशल पर मीडिया पर इन दोनों के डांस के चर्चे सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही तरीके से हो रहें हैं। इसमें पीछे सुनाई दे रहें गाने रासपुतिन (Who is Rasputin) से कई लोग वाकिफ होंगे और कई नहीं भी होंगे। खैर, वीडियो के बारे में तो आप पहले ही काफी पढ़ चुके हैं, लेकिन इस गाने में जिसका जिक्र हो रहा है, क्या आप उन्हें जानते हैं? रासपुतिन कौन थे? और ऐसा क्या हुआ जो वे इतने चर्चित हो गए। आखिर, ऐसा क्या था रासपुतिन में जिससे उस वक्त के पूरे सोवियत रूस को उससे खतरा महसूस होता था।

आज AlShorts आपको सुनाएगा रासपुतिन और उस वक्त की कहानी जब एक ऐसे मैड मॉन्क (Mad Monk Rasputin) का जन्म हुआ जिसने ना सिर्फ रूस के इतिहास में अमर हुआ बल्कि आज भी आज भी वर्तमान में उसकी मिसाल हम गाहें-बगाहें देख ही लेते हैं। शुरू करते हैं रासपुतिन की वह कहानी जो आपको थोड़ी फ़िल्मी भी लग सकती है। इस कहानी में जितनी वास्तविकता है उतनी ही यह फ़िल्मी भी है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि फिल्मों में दिखाया जाने वाला डिस्क्लेमर भी रासपुतिन की कहानी से ही शुरू हुआ था।

Rasputin with his wife and daughter

कौन था रासपुतिन?

ग्रिगोरी येफिमोविच रासपुतिन (Grigori Yefimovich Rasputin) 1869 में जन्मे थे, पहले किसानी की ओर और ध्यान गया। जिसमें वे सफल नहीं हो पाए और एक संत की राह पकड़ ली। अपनी अद्भुत चिकिस्तकीय क्षमताओं के कारण वे सोवियत रूस के जार निकोलस द्वितीय (Tsar Nicholas) के बेहद करीबी बन गए। यही से शुरू हुई उनकी किस्मत चमकने की कहानी। कहते हैं उनका रूस की सत्ता में आना भीषण तबाही का संकेत था। वे जादू-टोना जानते थे और उन्होंने जार समेत कई लोगों को अपने वश में कर रखा था।

Royal Court Rasputin

ऐसे खुला था शाही परिवार का रास्ता

दरअसल, यहां की रानी अलेक्जेंड्रा (Tsarina Alexandra) काफी निराश थी, वजह था उनका बेटा एलेक्सी, जिसकी असाध्य बीमारी खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही थी। रानी लंबे समय से अपने बेटे के लिए एक ऐसा वैद्य खोज रही थी, जिससे उसका उपचार करवाया जा सके। एलेक्सी को ‘हीमोफिलिया’ (Hemophilia) नाम की बीमारी थी, जिसमें जरा सी चोट लग जाने पर एलेक्सी को जान खतरा हो सकता था। ऐसे में बहुत ढूंढ़ने के बाद रासपुतिन का नाम सुझाया गया। जिसके बाद राजमहल में रासपुतिन की एंट्री हुई और उसी के इलाज से राजा की बेशुमार दौलत का इकलौता वारिस एलेक्सी ठीक भी हो गया।

Rasputin and women

राजमहल में रासपुतिन के चर्चे

इस घटना के बाद रासपुतिन के चर्चे दूर दूर तक फैलने लगे, यहां तक की जनता भी उसकी मुरीद होने लगी थी। शायद लोग उसे एक मसीहा के रूप में मानने लगे थे और कहा जाता है कि रानी एलेक्जेंड्रा कहीं ना कहीं रासपुतिन के प्रेम में पड़ने लगी थी। यहां रासपुतिन के लिए कई कहानियां और किवंदतियां मशहूर होती जा रही थी। खासकर, महिलाएं रासपुतिन को लेकर काफी उत्साहित रहती थीं। कहते हैं उसे सम्मोहन विद्या आती थी और कई किताबों में आज भी रासपुतिन की सम्मोहन विद्या का जिक्र किया गया है। उसने एक मॉन्क बन जाने के बावजूद भी सांसारिक जीवन नहीं छोड़ा था।

5 Myth about rasputin

रासपुतिन के बारे में 5 किवंदतियां (5 Myths About Rasputin)

रहस्यमई शक्तियों (Mystical Powers) का मालिक था रासपुतिन।

कहते हैं वह रानी एलेक्जेंड्रा का प्रेमी (Queen’s Lover) था।

लोग उसे रूस का गुप्त शासक (Secret Ruler) मानते थे, जो पर्दे के पीछे से हुक्म देता था।

कहा जाता है उसे मारा नहीं जा सकता (Impossible to Kill) था, वह अमर था।

रहस्यों के अनुसार, मौत को उसका गुलाम (Rasputin immortal) माना गया था।

 

रासपुतिन और रॉयल कोर्ट

कहते हैं रासपुतिन को रॉयल कोर्ट से विशेष दर्जा प्राप्त था। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान राजा ने अपनी लड़ाई की पूरी रणनीति रासपुतिन के कहने पर ही बनाई थी। सेना भी कहे अनुसार ही युद्ध लड़ रही थी। रूस हार की ओर अग्रसर था तो अफवाहों ने जोर पकड़ा और मैड मॉन्क को लोग जर्मनी का एजेंट बताने लगे। जिसके पीछे रानी का भी जर्मन नागरिक होना और दोनों के प्रेम के किस्सों ने भी अहम् किरदार निभाया। यही से रासपुतिन का पतन शुरू हुआ और धीरे-धीरे वह अंत पर पहुंचा।

Gregory Yefimovich Rasputin

मौत को छू कर आने वाला रासपुतिन

1914 में रासपुतिन का जादू लोगों के सर से उतरने लगा था, इस समय उसे मैड मॉन्क कहा जाने लगा था जो किसी की नहीं सुनता और मॉन्क जैसी किसी भी प्रथा का पालन नहीं करता है। एक घटना के अनुसार, किसी बालक को बहकाने के अपराध में गुस्साई महिला ने इस मॉन्क के पेट में छुरा घोंप दिया था। खून काफी बहने लगा था, लोगों ने सोच लिया था अब रासपुतिन का अंत है लेकिन यह राज सिर्फ रासपुतिन और उसके करीबी ही जानते हैं कि इतनी अच्छी चिकित्सा सुविधा ना हो पाने के बावजूद भी रासपुतिन बच गया। साथ ही उसके मृत्यु पर जीत वाले किस्से भी प्रबल होने लगे।

मौत पर क्या कहती थीं रासपुतिन कि ऑटोप्सी रिपोर्ट?

बढ़ती प्रसिद्धि के चलते रासपुतिन अब हर शख्स की आंखों का कांटा बन चुका था। 1996 में उसे शहर के एक रईस फेलिक्स युसुपोव ने खाने पर बुलाया। दरअसल, कहा जाता है कि रासपुतिन मदिरा का शौक़ीन था, वह कई बोतले पीकर भी एकदम सामान्य रहता था। इस बार युसुपोव के इरादे कुछ अलग थे, जिसे रासपुतिन समझ नहीं पाया।

rasputin dead body

क्या हुआ था उस रात-

रासपुतिन वहां न्यौते पर खाना और मदिरा का सेवन करने पहुंचा, इस दौरान उसके खाने में जहर मिलाया जा चुका था। लेकिन… सभी के आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा जब सभी ने रासपुतिन को बेहद मजे से खाना खाते हुए देखा। ऐसा लग रहा था मानो जहर का उस पर कोई असर ही ना हुआ हो। गुस्से में तिलमिलाए युसुपोव ने अपनी बन्दूक निकाल ली और सीधा मैड मॉन्क की और निशाना लगाया। रासपुतिन जमीन पर तो गिरा लेकिन उसने फिर खड़ा होकर युसुपोव को पकड़ लिया, इस बार कोई मौका न छोड़ते हुए युसुपोव ने सीधा सर में गोली मारी और रासपुतिन की लाश को बर्फ से ठंडे पानी की झील में हाथ-पैर बांध कर फिकवा दिया।

ऑटोप्सी की रिपोर्ट के अनुसार, रासपुतिन के शरीर में कोई जहर नहीं मिला था, उनकी मौत सर में गोली लगने से हुई थी। यह रिपोर्ट बेहद चौंकाने वाली थी और इसी के साथ रासपुतिन के काल का अंत भी हुआ।

फिल्मों में डिस्क्लेमर और रासपुतिन कनेक्शन

इस फिल्म का किसी जीवित या मृत व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है, यदि ऐसा पाया जाता है तो इसे मात्र एक संयोग कहा जाएगा। आपको बता दें कि इसके पीछे भी मैड मॉन्क रासपुतिन से जुड़ा दिलचस्प (How Rasputin Initiated the  Disclaimer in Movies) किस्सा है। फिल्मों में डिस्क्लेमर की शुरुआत ही रासपुतिन से हुई। 1933 में MGM प्रोडक्शन ने रास्पुतिन पर एक बॉयपिक (Rasputin and the Empress) बनाई थी, जिसमें उसके कातिल युसुपोव की पत्नी आइरिन का जिक्र किया गया था। फिल्म में कुछ चीजें बगैर तथ्यों के दिखाई गई थी, जिसपर यूसुपोव को सख्त एतराज था, फिल्म में रास्पुतिन ने यूसुपोव की पत्नी आइरिन का प्रेम प्रसंग और रेप दिखाया गया था। वहीं क़त्ल के तरीके को भी बेहद बेतरतीब ढंग से पेश किया था। जिसके चलते यूसुपोव ने जुर्माना ठोक दिया, लेकिन जुर्माने का पैसा मिला उसकी पत्नी आइरिन को। जिसके बाद डिस्क्लेमर की प्रथा शुरू हुई थी।

रासपुतिन जानते थे वे मरने वाले हैं!

रासपुतिन ने 1916 की शुरुआत में राजा को खत लिखकर कहा था कि यदि आपको स्वप्न आए मेरी मौत का, तो उसे स्वीकार कर लीजिएगा। समय बेहद कठिन है, भाई ही भाई की जान लेने पर उतारू है। आने वाले 25 सालों के बाद दुनिया से अमन-चैन मिट जाएगा। लोग एक दूसरे के खून के प्यासे हो जाएंगे…

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