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क्रिसमस विशेष: कोरोना काल में बढ़ी भगवान के प्रति आस्था
दिसम्बर 23, 2020 | By - Nitin Singh Bhadauriya

क्रिसमस विशेष: कोरोना काल में बढ़ी भगवान के प्रति आस्था

कहते हैं अच्छे समय में हम भगवान को भले ही न याद करें, लेकिन बुरे वक्त में भगवान से उस मुसीबत से निकालने की दुआ करते हैं। फिलहाल ऐसे ही परिस्थिति से पूरा विश्व बीते कई महीनों से जूझ रहा है।

कोरोना महामारी ने नवंबर की सर्द हवाओं के बीच दुनिया में दस्तक दी और कुछ ही दिनों में ये वायरस पूरे विश्व में जंगल की आग की तरह फैल गया। इस महामारी से दुनियाभर में लाखों लोग मारे गए क्योंकि शुरूआती दिनों में इससे बचने के लिए कोई दवा उपलब्ध नहीं थी। ऐसे में विशेषज्ञों ने बताया कि इससे बचने का एक ही तरीका है कि लोगों से संपर्क कम किया जाए और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाने से परहेज किया जाए। लेकिन यह आसान नहीं था, इसीलिए दुनियाभर के कई देशों ने इससे बचने के लिए देशव्यापी तालाबंदी कर दी।

इस बंदी से बाजार, दुकानें, पार्क, ऑफिस, फैक्ट्रियां यहां तक की धार्मिक स्थलों तक को बंद करना पड़ा। हालांकि श्रद्धालुओं के लिए प्रभु के दर्शन करने को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आरती जैसी सुविधाएं शुरू कर दी गईं। वहीं भारत जैसे देश में लॉकडाउन के दौरान 90 के दशक के चर्चित धार्मिक शो ‘रामायण’ और ‘महाभारत’ को फिर से ऑन एयर कर दिया गया। जिसने एक बार फिर टीआरपी (टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट) के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए।

बदल गए त्यौहारों के रंग-ढंग

कई देशों में इस दौरान पड़ने वाले त्यौहारों के लिए भी गाइडलाइन जारी कर दीं, जिसमें लोगों से त्यौहारों को अपने घरों पर ही मनाने की बात कही गई। इससे लोगों में कहीं न कहीं लोगों में मायूसी देखने को मिली साथ ही दिखा डर और असुरक्षा का खौफ। कोरोना के मामलों में होती बढ़ोतरी और दुनियाभर में हर रोज हजारों मौतों से हर कोई सहमा हुआ था। लोगों की भागदौड़ भरी जिंदगी में जब कोरोना ने लगाम लगाई तो हर कोई ईश्वर से इस वायरस से निजात दिलाने की दुआ करना लगा। लोगों में इस दौरान धार्मिक आस्था को लेकर रुझान बढ़ा और लोगों ने आस्था की शरण ली।

ब्रिटेन में क्रिसमस को लेकर गाइडलाइन जारी

ब्रिटेन प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने क्रिसमस से पहले लंदन समेत कुछ और इलाकों में चौथे चरण के कड़े प्रतिबंध लागू करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि पहले जो योजना तैयार की गई थी उसके अनुसार इस बार हम क्रिसमस नहीं मना सकते। लेकिन बात करें लोगों की तो कई लोग इस दौरान गिरिजाघरों में ना जा पाने को लेकर काफी मायूस हैं। इसके चलते उन्होंने प्रार्थना का नया तरीका ईजाद किया है। लोग वर्चुअल माध्यम से कैरल्स गाएंगे और गिरिजाघरों की प्रार्थना में शामिल होंगे।

गिरजाघरों में क्रिसमस की तैयारी शुरू

इस बार भी हर त्यौहार की तरह लोग सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करते हुए क्रिसमस मनाने की तैयारी कर रहे हैं। इसको लेकर दुनियाभर के देशों में गिरजाघरों को सजाने का काम शुरू कर दिया गया है। इस बार क्रिसमस के जरिए लोगों से कोरोना से बचाव के लिए जारी गाइडलाइन का पालन करने की अपील भी की जा रही है। साथ ही लोग क्रिसमस पर ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि यह वायरस इस साल के साथ ही हमारी जिंदगी से चला जाए। लोगों का मत है कि इस साल कैरल्स गाएंगे तो प्रभु यीशु से यही प्रार्थना रहेगी कि इस महामारी से दुनिया को जल्द से जल्द निजात दिलाई जा सके।

सेंटा से अपील

इस दौरान कई देशों में सेंटा क्लॉज को लेकर मायने बदल गए हैं। जहां पहले सेंटा को लेकर लोग उपहारों की अपेक्षा रखते थे, वहीं अब सेंटा से जुडी मान्यता में बदलाव आया है। लोगों का मानना है कि इस बार जब सेंटा क्लॉज आएं तो अपने साथ में ऐसा तोहफा लाएं कि यह भयावह बीमारी दुनिया से रफूचक्कर हो जाए। क्रिसमस खुशियों का त्यौहार है और खुशियां बांटने से बढ़तीं हैं, ऐसे में लोगों की आस सेंटा क्लॉज पर भी टिकी है। बरसो से चली आ रही परंपरा को लेकर लोगों की विश्वास और आस्था आज के युग में भी टिकी हुई है।

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