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शेख हमदान: एक राजशाही प्रिंस जिसे दुनिया मानती है ‘वेरिफाइड एक्शन मैन’
फ़रवरी 3, 2021 | By - Vaibhav Sharma

शेख हमदान: एक राजशाही प्रिंस जिसे दुनिया मानती है ‘वेरिफाइड एक्शन मैन’

1 फरवरी 2008 का दिन यूएई के इतिहास में काफी अहम् था, इसी दिन 7 अमीरातों में से एक अमीरात ‘दुबई’ को अपना नया क्राउन प्रिंस यानि राजकुमार मिला था। दुबई के क्राउन प्रिंस हिज हाइनेस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम इसी दिन दुबई क्राउन प्रिंस के रूप में चुने गए थे। अपने 13 सालों के दौरान वे देश और दुनिया के सबसे दिलचस्प राजकुमारों की श्रेणी में आ चुके हैं। उनकी सोशल मीडिया प्रेजेंस गजब की है, उनके कई वीडियो पर लाखों व्यूज हैं जिनमें फीमेल फैंस की तादाद सबसे ज्यादा है। पूरी दुनिया में उनके कई फैंस हैं, जो उनकी एक झलक पाने के लिए बेताब नजर आते हैं। अब वे राजकुमार हैं और शाही जीवनशैली अपनाते हैं तो जाहिर सी बात है उनकी निजी लाइफ से जुड़े किस्सों में भी लोगों की बेहद ज्यादा दिलचस्पी होगी। सभी जानना चाहते होंगे आखिर इतने प्रसिद्द क्राउन प्रिंस की लाइफस्टाइल कैसी होगी? वे क्या करते होंगे और इतने फेमस क्यों हैं?

यदि ये सारे सवाल आपने जहन में उठ रहे हैं तो आप बिलकुल सही जगह हैं। आज हम दुबई के क्राउन प्रिंस हिज हाइनेस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम के बारे में जानेंगे। उनसे जुड़े किस्से और उनकी लाइफस्टाइल पर चर्चा करेंगे। अलशॉर्ट्स समय-समय पर आपको संयुक्त अरब अमीरात से जुड़े किस्सों को लेकर रूबरू करवाता आया है। इस कड़ी में हम दुबई क्राउन प्रिंस के बारे में पढ़ेंगे।

दुबई क्राउन प्रिंस ने अपनी शुरुआती पढाई तो देश में रहकर की लेकिन उनके सीखने और दुनिया को जानने की इच्छा ने उन्हें देश के बाहर ब्रिटेन जाने को मजबूर किया। उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन ब्रिटेन से की और लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स की पढाई की।

चाहनेवालों ने क्यों कहा उन्हें फ़ज़ा?
लोग अक्सर इंटरनेट पर ये सर्च करते हैं कि प्रिंस को फ़ज़ा नाम किसने दिया? यहां आपको हम बताएंगे फ़ज़ा नाम के पीछे की कहानी। अपने पिता उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और दुबई के शासक हिज हाइनेस शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम की तरह उन्हें भी शायरी लिखने का काफी शौक रहा है। जिसे वे ऑनलाइन अपने फैंस के साथ साझा भी करते हैं। उनके चहितों ने उन्हें यह नाम दिया। जिसमें फ़ज़ा का अर्थ है ‘ऐसा व्यक्ति जो दूसरों कि ख़ुशी में अपनी ख़ुशी समझता है और किसी कि मदद के लिए हमेशा तत्पर रहता है।’ यूएई की स्थानीय भाषा में इसे फ़ज़ा कहा गया है, जो नाबाती कविताओं में प्रयोग किया जाता है। उन्होंने कई बार अपने कार्य को काव्य के रूप में वर्णित किया है, उनकी कई कविताएं यहां संगीत में तब्दील हो गईं हैं।

तो ऐसे हैं दुबई क्राउन प्रिंस 
शेख हमदान शुरू से ही जिज्ञासु किस्म के रहे हैं, एक मैगजीन को दिए इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा था कि दुबई में ली गई शिक्षा ने मेरे ग्लोबल विज़न को बढ़ाया। मुझे बाहर से शिक्षा प्राप्त करने में कई संभावनाएं नजर आई। मैंने वहां यह जाना कि शिक्षा, ज्ञान और समझ आपको वर्तमान से परे नए क्षितिज को देखने में सक्षम बनाता है। सैंडहर्स्ट जैसी प्रमुख सैन्य अकादमियों में आप जो सीखते हैं, वह अनुशासन, जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के मूल्यों के इर्द-गिर्द घूमती है। यह मूल्य व्यावहारिक रूप से अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए आवश्यक हैं।

कुछ तूफानी करने के लिए फेमस हैं शेख हमदान 
हमने शेख हमदान के कई वीडियो इंटरनेट पर तैरते देखे हैं, वे हवाई जहाज उड़ाते हैं, किसी राजकुमार की तरह घोड़ों से प्यार करते हैं। शतुरमुर्ग के साथ साइकिल रेस लगाते हैं तो कभी सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा पर चढ़ने का रिकॉर्ड बनाते हैं। चाहे वह स्काईडाइविंग हो, जेट-स्कीइंग, लंबी पैदल यात्रा, स्नोबोर्डिंग या जिप लाइनिंग हो, दुबई के क्राउन प्रिंस वेरिफाइड एक्शन मैन हैं। वे अपने कारनामे सोशल मीडिया पर भी शेयर करते रहते हैं। उनके समुद्र में गोते लगाने का वीडियो काफी वायरल भी हुआ था जिसमें वे मछलियों संग गहरे पानी में गोते लगाते नजर आ रहे हैं।

फिटनेस फ्रीक हैं शेख हमदान
दुबई के क्राउन प्रिंस होने के नाते वे यहां के युवाओं की प्रेरणा भी है। वे अपनी फिटनेस का ख़ास ख्याल रखते हैं, रोजाना सुबह साइकिलिंग करना और पहाड़ों पर ट्रैकिंग करना उन्हें बहुत भाता है। शेख हमदान को जानवरों से बेहद प्यार है। आए दिन उनका वीडियो वायरल होता रहता है जिसमें वे सफारी के दौरान प्रकृति और जंगली जीवों के बीच रहना पसंद करते हैं। हर राजकुमार की तरह उन्हें घोड़ों से बेइंतेहा मुहब्बत है। वे घुड़सवारी से जुड़े कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मैडल भी जीत चुके हैं।

बाजों से खास लगाव 
एक किस्सा याद होगा जो कुछ ही दिनों पहले वायरल हुआ था। यह किस्सा उनका प्रकृति प्रेमी होना दर्शाता है। उनकी बेशकीमती कार पर एक चिड़िया ने अपना घोसला बना लिया था, जिसके बाद प्रिंस ने उस कार को तब तक चलाना छोड़ दिया जब तक कि उस नन्हीं चिड़िया ने वह घोसला छोड़ नहीं दिया था। ठीक इसी तरह उन्हें बाजों से भी बेहद लगाव है। जुमेराह बीच के करीब उनका एक फाल्कनरी केंद्र है जो विमान के आकार का है। जहां बाजों का अस्पताल और उनकी देखरेख की जाती है।

आपको बता दें कि हल ही में 1 फरवरी को दुबई के क्राउन प्रिंस हिज हाइनेस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम दुबई के क्राउन प्रिंस के रूप में अपने 14वें साल में प्रवेश कर चुके हैं। वे युवाओं के लिए एक उदाहरण हैं जो शिक्षा, जीवनशैली और नेतृत्व की प्रेरणा देते हैं। अलशॉर्ट्स अगली कड़ी में यूएई से जुड़े कई अन्य शीर्ष व्यक्तियों की जीवनयात्रा को आपसे रूबरू करवाता रहेगा।

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