इजराइल का आसमानी कवच आयरन डोम
मई 19, 2021 | By - Gaurav Sen

इजराइल का आसमानी कवच आयरन डोम

आयरन डोम, आज कल इस नाम ने बहुत सुर्खियां बटोरी हैं, आयरन डोम आपने यह नाम कहीं ना कहीं जरूर पढ़ा या सुना होगा। जी हां वहीं आयरन डोम जिसने इजराइल की सुरक्षा का जिम्मा अपने ऊपर उठा रखा है। कैसी भी मिसाइल और रॉकेट हो (छोटी रेंज), आयरन डोम उसे हवा में ही मार गिराता है। इजराइल की धरती पर ऐसे किसी भी रॉकेट-मिसाइल को नहीं पहुंचने देता, जिससे जान-माल की हानि हो। इस आयरन डोम (IRON DOME AIR DEFENCE SYSTEM) की आज के हालातों में बेहद चर्चा हो रही है।

दुनियाभर के सभी देशों की नजर इजराइल और फिलिस्तीन के बीच जारी युद्ध पर बनी हुई है। दोनों देशों की बीच बीते 12 मई से युद्ध जारी है, जो कब थमेगा कहना मुश्किल है। लेकिन IRON DOME ने फिलिस्तीन और फिलिस्तीन के साथी हमास (HAMAS) की नींदें उड़ा रखी हैं। अब आपको ये तो पता है इजराइल के पास IRON DOME है और वो दुश्मन के नापाक मंसूबों पर पानी फेर देता है। क्या आपको पता है ये IRON DOME काम कैसे करता है? ये कब तैयार किया गया था? कितने देशों के पास इस तरह की सुरक्षा प्रणालियां हैं? तो आज इसकी जानकारी आपको Alshorts देने जा रहा है…

आयरन डोम का इतिहास

iron dome

*साल 2006 में इज़राइल-लेबनान युद्ध के दौरान हेजबुल्लाह ने इजराइल पर 4000 के करीब कम रेंज के रॉकेट छोड़े।
*साल 2000 से 2008 के बीच गाजा द्वारा हजारों की संख्या में रॉकेट छोड़े गए।
*इन रॉकेट और मिसाइल को नष्ट करने के लिए इजराइल द्वारा आयरन डोम (IRON DOME) का निर्माण किया गया।
*इज़राइल रक्षा मंत्रालय ने फरवरी 2007 में एक मोबाइल वायु रक्षा प्रणाली विकसित करने का निर्णय लिया था।
*Iron Dome को Israel Aerospace Industries -Rafael Advanced Defence Systems नेे संयुक्त रूप से विकसित किया।
*मार्च 2009 में मिसाइल रक्षा प्रणाली का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया था।
*जुलाई 2009 में परीक्षण के दौरान डोम सिस्टम ने कई रॉकेटों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया।
*आयरन डोम का अंतिम परीक्षण जुलाई 2010 में किया गया था।
*जिसमें डोम ने केवल आबादी की ओर आने वाली मिसाइल और रॉकेटों को सफलतापूर्वक टारगेट और इंटरसेप्ट किया
*जबकि अन्य मिसाइलें जो खुले मैदानों की ओर जा रही थीं, उन्हें इंटरसेप्ट नहीं किया।

आयरन डोम काम कैसे करता है?

ऊपर आपने जाना आयरन डोम को तैयार किए जाने का कारण, अब यहां जानिए आयरम डोम कैसे काम करता है।

आयरन डोम कार्यप्रणाली

आयरन डोम तीन मूलभूत एलिमेंट पर काम करता है जो हैं…..

1. रेडार
2. कंट्रोल सेंटर
3. लॉन्चर

रेडार का काम है डिटेक्ट करना

*रेडार का काम दुश्मन द्वारा छोड़ी गई मिसाइल और रॉकेट को डिक्टेट करना होता है।
*यह इनकी स्पीड और ट्रैजेक्ट्री का पता लगाता है।
*ट्रैजेक्ट्री का मतलब होता है वह रास्ता, जहां के लिए मिसाइल और रॉकेट को छोड़ा गया है।
*ये सभी जानकारी रेडार द्वारा आयरन डोम के कंट्रोल सेंटर को भेजी जाता है।

कंट्रोल सेंटर

*कंट्रोल सेंटर रेडार द्वारा मिली जानकारी के आधार पर हाई स्पीड कंप्यूटर के जरिए अंदाजा लगाता है कि रॉकेट कहां गिरने वाला है।
*रॉकेट इजराइल के किसी आबादी वाले क्षेत्र पर गिरता है तो डोम को इसे नष्ट करने का आदेश दिया जाता है।
*वहीं खाली भूमि पर गिरता है तो इसे जाने दिया जाता है।

अंत में आता है लॉन्चर

*रेडार और कंट्रोल सेंटर जब अपना काम कर देते हैं तो अंत में लॉन्चर का काम बचता है।
*जो कंट्रोल सेंटर के आधार पर मिली जानकारी के अनुसार आयरन डोम से दुश्मन के हमले विफल करता है।
*लॉन्चर में कई सारे इंटरसेप्टर होते हैं, इंटरसेप्टर यानी वो मिसाइल जो हमला करने वाले रॉकेट को हवा में ख़त्म करती है।
*लॉन्चर की टारगेट को 90 फीसदी तक सटीक बताया जाता है। इससे इसराइल को कम से कम जान-माल की हानी होती है।

भारत और अमेरिका के पास है आयरन डोम!

देश के पास आयरन डोम तो नहीं लेकिन एस-400 ट्रायम्फ है। जो रॉकेट, मिसाइल और क्रूज मिसाइल से निपटने में सक्षम हैं, लेकिन एस-400 ट्रायम्फ की रेंज बहुत अधिक होती है।

iron dome system

*एस-400 ट्रायम्फ प्रणाली 400 किमी की सीमा के भीतर 30 किमी तक की ऊंचाई पर सभी प्रकार के हवाई लक्ष्यों को भेद सकने में सक्षम है।
* यह एक साथ 100 हवाई लक्ष्यों को ट्रैक कर सकती है और उनमें से 6 को एक बार में निशाना बना सकती है।
* इनके अलावा भारत के पास स्वदेशी पृथ्वी एयर डिफेंस और एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम और अश्विन एडवांस एयर डिफेंस इंटरसेप्टर मिसाइल सिस्टम भी मौजूद है।

अमेरिका के पास पैट्रियट मिसाइल लंबी दूरी की वायु-रक्षा प्रणाली (Patriot MIM-104, Patriot Missile Long-Range Air-Defence System) मौजूद है।

आयरन डोम मिसाइल

*इस मिसाइल की बॉडी 520 सेमी. की होती है और डायमीटर 40 सेमी का होता है।
*बैलेस्टिक, क्रूज और एडवांस एयरक्राफ्ट के वार को नाकाम करने में प्रभावी है।
*अमेरिका, जर्मनी, ग्रीस, इज़राइल, जापान, कुवैत, नीदरलैंड, सऊदी अरब सहित कई देशों में Patriot सेवा में है।
*सिस्टम ने कुवैत नई पीएसी -3 तकनीक से साथ मिसाइलों का उपयोग कर कई सारी सतह पर मार करने वाली इराकी मिसाइलों को नष्ट कर दिया था।

चलते-चलते इजराइल-फिलिस्तीन युद्ध में अब तक की अपडेट

आयरन डोम

*इजराइल-फिलिस्तीन युद्ध में अब तक 222 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है।
*जिसमें से इजराइल में 10 लोगों के मारे जाने की बात कही गई हैं।
*वहीं इजराइल के हमलों में गाजा पट्टी में मरने वालों की संख्या 212 पर पहुंच गई है।
*जिसमें 61 बच्चे, 36 महिलाएं शामिल हैं। 15 फिलीस्तीन की मौत इजराइल सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए हैं।
*इजराइल को ओर से कहा गया है कि, जंग अभी जारी रहेगी….

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