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‘कोरोनाकाल’ में बच्चों के साथ यात्रा! जानिए वो सावधानियां जो करेंगीं आपके  परिवार की सुरक्षा
अक्टूबर 1, 2020 | By - Vaibhav Sharma

‘कोरोनाकाल’ में बच्चों के साथ यात्रा! जानिए वो सावधानियां जो करेंगीं आपके परिवार की सुरक्षा

‘कोरोना महामारी’ पूरी दुनिया के लिए एक बड़े बदलाव के रूप में आई है। जहां पहले सामाजिक दूरियों को मिटाने की बात थी, वहीं अब सामाजिक दूरी अपनाना सबसे बड़ा विषय है। ‘घर पर रहें सुरक्षित रहें’ यह आज वर्तमान परिदृश्य की परिभाषा बन चुका है। इस न्यू नार्मल में हमें सबसे पहले सामाजिक दूरी के मायने शारीरिक दूरी से समझने होंगे। वह दिन भी दूर नहीं जब जल्द ही इस महामारी की वैक्सीन तैयार होगी और सबकुछ पहले जैसा हो जाएगा। लेकिन फिलहाल अभी मानव जाति को इस रात के बाद की सवेरे का इन्तजार ही है। जो सुबह फिर से नई आशा और उमंग के साथ अपने वर्चस्व की लड़ाई जीतेगी। हालांकि, वर्तमान में जिंदगियां बचाने की जंग के साथ -साथ पूरा विश्व आर्थिक जंग भी लड़ रहा है।

अनलॉक की शुरुआत के बाद सबसे गंभीर समस्या नौकरियां बचाना है। यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि रोटी, कपडा और मकान के साथ इस दौर में जिंदगी की आश्वस्ति करना भी जरूरी होगा। इसी आर्थिक स्थिति को समझते हुए यात्राएं भी आवश्यक हुई हैं। विदेशी यात्राएं तो फिलहाल डरावने सपने की तरह हैं। यदि यात्राएं बच्चों के साथ हों तो खतरे की आशंकाएं दुगुनी हो जाती है। ऐसे में कुछ सावधानियां जरूरी भी हैं जिसके चलते परिवार की सुरक्षा की जा सकती है।

इसी कड़ी में अलशॉर्ट्स लाया है वो जानकारियां जो कोरोनाकाल के दौरान अपने बच्चों के साथ यात्रा करते हुए आपको ध्यान में रखनी जरूरी हैं।

इस समय में हर कोई डरा हुआ है, सामाजिक दूरी, चेहरे पर करीने से सजा मास्क और सार्वजनिक चीजों का ना छूना ही आपका बचाव है। यात्राएं भी तभी करें जब बेहद जरूरी हो। यदि, हो सके तो यात्रा के दौरान खुद को महफूज जगहों पर रखने की कोशिश करें। फिर भी यात्रा जरूरी है तो कुछ सावधानियों के साथ अपना बचाव कर सकते हैं।

 

ऐसे बनाएं कोरोना काल में यात्रा की योजना:

1. यात्रा करने वालों में यदि नवजात भी शामिल है तो यात्रा में बेहद सावधानी रखे। अपने बच्चों से बात करें, उन्हें वर्तमान में आई इस महामारी के बारे में अवगत करवाएं। बातचीत का मुद्दा कोरोना से पहले और अब होने वाली यात्राओं में आए फर्क को समझाएं। घूमने-फिरने की आजादी ना होना ही यात्रा का सबसे कठिन समय होता है।

2. बच्चों की ऊर्जा, कल्पनाशक्ति और जिज्ञासा किसी भी व्यस्क से कहीं अधिक होती है। निकलने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि कुछ किताबें, गेम्स और पजल्स आपके जरूरी सामान में जरूर हों। ये चीजें एयरपोर्ट और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों को व्यस्त रखने में मददगार साबित होंगीं।

3. ये जरूर याद रखें कि उड़ाने संचालित हो रही हैं लेकिन हवाई अड्डे पर लाउंज, स्नैक बार और रेस्तरां अभी तक बंद हैं। जो कुछ खुले हैं वे अभी तक सुरक्षा मानदंडों से जूझ रहे हैं या फिर इतनी दूरी पर हैं कि ऐसे दौर में वहां पहुंचना असंभव सा है। वैसे भी, भूख लगने के दौरान बच्चों को संभालना बेहद मुश्किल हो जाता है

4. इस दौरान आपको पैकिंग का विशेष ध्यान रखना होगा। जहां तक हो सके ज्यादा कपडे ना ले जाएं। कुछ हफ़्तों के लिए कुछ जीन्स और टीशर्ट की जोड़ी से काम चलाया जा सकता है। रही नन्हें शैतानों की बात, तो उनके लिए कुछ नाईटवियर, रंगीन लाइट्स और उनके प्रिय खिलौने सामान में शामिल करें। खासकर रात में सोते समय, नए वातावरण में बच्चों को भावनात्मक समर्थन की आवश्यकता होती है, जिसे उनके खिलौने पूरा करते हैं।

 

एयरपोर्ट पर रखें खास ख्याल:

1. इस महामारी के दौर में कोई भी सुरक्षा अधिकारी नियमों को ताक पर नहीं रखना चाहेगा। इसीलिए, जिम्मेदारी से आप भी अपने महत्वपूर्ण दस्तावेजों को संभाल कर ऐसी जगह रखे जो आपकी आसान पहुंच में हों। साथ ही नए नियमों और बदलावों के बारे में सचेत रहे। ये सब एयरपोर्ट पर आपके समय को बचाएगा।

2. बच्चों को मास्क पहना देना या फेस शील्ड लगा देने जिम्मेदारी ख़त्म नहीं होगी। खासकर एयरपोर्ट पर, जहां बच्चे सबसे ज्यादा एयरप्लेन को देखने के लिए उत्साहित रहते हैं। यह जरूर सुनिश्चित करें कि कहीं वे जिज्ञासावश प्लेन को देखने के लिए हवाई अड्डों पर प्रतीक्षा स्थल पर बने कांच के पैनल मुंह या हाथों से ना छुएं। हर सार्वजनिक चीज का ख्याल रखे, बच्चों को उन्हें छूने से रोके।

3. यदि आप कम दूरी की यात्रा पर हैं तो चिंता का विषय नहीं है। तब आप बाहर के खाने से बच सकते हैं। लेकिन, बच्चों के साथ ऐसा नहीं है, ऐसी परिस्थिति में घर का बना भोजन काम आता है। इसके बावजूद भी उन्हें भोजन देने से पहले गलव्स जरूर हटा दें और अपने साथ 30 सैकंड तक बच्चों के हाथ अच्छे से साबुन से धुलवाएं और किसी साफ़ कपडे से पौंछे। ‘हैक्स’ याद रखिए, उसी कपडे का इस्तेमाल दुबारा मुंह पौंछने के लिए किया जा सकता है।

4. सभी बेहतरीन एयरलाइंस उच्चतम सुरक्षा मानकों का पालन कर रहीं हैं। वे प्लेन के हवा में होने के दौरान ‘हेपा’ (HEPA) एयर फिल्टर का उपयोग करते हैं। वे उतने ही शक्तिशाली हैं जितने कि अस्पतालों में केबिन की हवा को ताज़ा करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। कई लोग अक्सर केबिन में संचारित होती हवा को लेकर चिंतित रहते हैं। विमानों में लगे ये एयर फ़िल्टर यह सुनिश्चित करते हैं कि हर 2 से 3 मिनट में यात्रियों को ताज़ी हवा मिल सके।

5. हर सीट की ऊपरी सतह पर एयर वेंट होता है। यात्री चाहे तो इसे खोलकर रख सकता है ताकि शुद्ध हवा सुनिश्चित की जा सके । ध्यान रहे, आपको हर वो कदम उठाना होगा जो आपको सुरक्षित रखे। फिलहाल वैज्ञानिक भी इसी पड़ताल में जुटे हैं कि कोरोना हवा में फैलता है या नहीं।

 

गंतव्य (Destination) पर पहुंचने के बाद जिम्मेदारियां और बढ़ेंगीं:

1.इस महामारी के मानव जीवन में आने से पहले भी एक आधिकारिक नियम लागू होता था ‘जल्दबाजी ना करें’। लेकिन असल में हम करते क्या हैं, सीटबेल्ट को खोलते हैं, सामान उतारते हैं और कूदते हुए कतार में जल्दी से जल्दी उतरने की कोशिश करते हैं। रुकिए, अब नियम अलग तो नहीं हैं लेकिन अनिवार्य हैं। हमें सामाजिक दूरी का उल्लंघन न करने के लिए बहुत सतर्क रहने की आवश्यकता है। एक गलत कदम सभी के लिए खतरा बन सकता है। जरा ठहरिए, प्रतीक्षा करिए और फिर सामान को निकालते हुए सावधानी से निकलिए।

2.कोरोना को हमला करने के लिए सबसे अच्छा मौका आप तब देंगे जब आप बैगेज ले जाते समय ट्रॉली का उपयोग करेंगे। ये वो समय है जब आप जरा से चुके और कोरोना आपको चपेट में ले सकता है। ज्यादातर यहां सबसे अधिक भीड़ वाला इलाका होता है जहां सामान को लेकर हर कोई जल्दबाजी में होता है। यहां मौजूद ट्रॉली सबसे संक्रमित हो सकती है। हम और आप यह सुनिश्चित नहीं कर सकते कि हमसे पहले जिस व्यक्ति ने उसका प्रयोग किया है वह दस्ताने पहने हुए था। मान लीजिए उसने दस्ताने पहने थे क्या तब भी उस ट्रॉली को सेनिटाइज किया गया है या नहीं? लिहाजा, आप सुरक्षा रखे किसी सेनिटाइज लगे कपडे से उसे पौंछे और तभी प्रयोग में लें।

3.जब आप सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य पर पहुंच जाएं तो एक हाइजीनिक वॉश या स्नान जरूर करें। यह ना केवल आपको सुरक्षित रखेगा बल्कि आपके परिवार की सुरक्षा में भी योगदान देना। इसके अलावा सामान और अन्य वस्तुओं को सेनिटाइज करें। जिनकी जरूरत ना हो उन चीजों को कुछ 24 घंटों के लिए क्वारेंटाइन में रखे।

 

तो ये थे कुछ सुझाव और तरीके जिनके जरिए ना सिर्फ यात्रा के दौरान कोरोना से बचाव होगा बल्कि कोरोना के खिलाफ लड़ी जा रही जंग के सिपाही के रूप में आप अपने परिवार और बच्चों की सुरक्षा का ख्याल रख सकेंगे।

‘अल शॉर्ट्स’ आपकी सुरक्षा और कोरोना से जुड़े सभी मुद्दों को लेकर समय-समय पर आपको अवगत करवाता रहेगा।

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