भविष्य की कारें: पेट्रोल-डीजल या इलेक्ट्रिक व्हीकल किसमें करें इन्वेस्ट?
जून 17, 2021 | By - Vaibhav Sharma

भविष्य की कारें: पेट्रोल-डीजल या इलेक्ट्रिक व्हीकल किसमें करें इन्वेस्ट?

कोरोना महामारी ने दुनियाभर के सभी सेक्टर्स पर भयंकर मंदी की मार की है। यही नहीं महंगाई भी इतनी बढ़ी है, जिसकी तुलना नहीं की जा सकती है। इस महंगाई के बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि। जहां कच्चे माल को लाने ले जाने में तेल के दामों में बढ़ोतरी से सभी रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम बढे हैं। यही नहीं आम जनता की जेब पर भी इसकी मार पड़ी है।

इसी कड़ी में आज हम जानेंगे पेट्रोल-डीजल की बढ़ोतरी के साथ मार्केट में कुछ ऐसे व्हीकल्स मौजूद हैं, जो हमारी जेब पर भारी भी नहीं है और ऑटो एक्सपर्ट के अनुसार ये भविष्य के वाहन हैं, जो निकट भविष्य में सड़कों पर दौड़ते नजर आएंगे।

 

Petrol price hike

ऑटो मार्केट का क्या है भविष्य

ऑटो एक्सपर्ट्स की राय के अनुसार, दुनिया कई लॉकडाउन झेल चुकी है। हर बार मार्केट खुलते ही ऑटो सेक्टर में उछाल की ख़बरें आती हैं। लेकिन हाल वहीं का वहीं रहता है। महामारी के कंट्रोल में आने और लॉकडाउन खुलने की सूरत में कारों की बिक्री बढ़ने की उम्मीद जताई गई थी, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो पाया है। पहले के मुकाबले इस साल गाड़ियों की रिटेल बिक्री 55% तक कम हुई। इसका कारण पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतें हैं। साथ ही, बेरोजगारी, महंगाई और प्रतिव्यक्ति आय में आई कमी को भी माना गया है।

 

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साल दर साल महंगा होता गया तेल

  • एक रिपोर्ट की माने तो 10 सालों में पेट्रोल-डीजल के दाम लगभग दुगुने हो गए हैं।
  • 2011 में पेट्रोल 58.37 रुपए प्रति लीटर और डीजल 41.12 रुपए प्रति लीटर था।
  • रिपोर्ट में कहा गया है कि पेट्रोल की तुलना में डीजल ज्यादसा महंगा हो गया है।
  • वर्तमान की बात करें तो पेट्रोल-डीजल में महज 7 रूपए का फर्क रह गया है।
  • पेट्रोल 49.16 रुपए प्रति लीटर और डीजल 59.25 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया है।

 

इलेक्ट्रिक व्हीकल भारत में

भारत में फिलहाल मुख्य रूप से टाटा और एमजी ने अपने इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल्स की शुरुआत की है। यह चौपहिया वाहनों की कतार में सबसे आगे हैं। वहीं अन्य ऑटो कंपनियां इस बारे में जल्दी ही ईवी लांच करने की कतार में है। दोपहिया वाहनों में पहले ही कई कंपनियां मौजूद हैं, जो चार्जिंग से चलने वाले स्कूटरों का निर्माण कर रहीं हैं। इसमें बजाज, काइनेटिक और हौंडा समेत कई कंपनियां हैं।

 

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भारत में क्या है स्थिति

एक अनुमान के अनुसार, भारत को 2026 तक 20 लाख EV के लिए 4 लाख चार्जिग स्टेशनों की जरूरत होगी। ग्रांट थॉर्नटन भारत-फिक्की की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के लिए 2030 तक 100 प्रतिशत ईवी के अपने दृष्टिकोण तक पहुंचने के लिए, सरकारी सहयोग में वृद्धि, प्रौद्योगिकी की घटी हुई लागत और संकटपूर्ण प्रदूषण के स्तर जैसे कारक इस बदलाव को तेज करने के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

  • भारत में मार्च 2021 तक फ्लिट सेगमेंट सहित लगभग 16,200 इलेक्ट्रिक कारों के लिए 1,800 चार्जिग स्टेशन हैं।
  • सबसे तेज क्षमता वाले एक वाहन को रिचार्ज करने में 15 मिनट से अधिक समय नहीं लगता है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, 2020 में ईवी की वैश्विक बिक्री 39 प्रतिशत वर्ष-दर-वर्ष से बढ़कर 31 लाख यूनिट हो गई है।
  • कुल यात्री कार बाजार में 14 प्रतिशत की गिरावट आई है।
  • आने वाले समय में इससे प्रदूषण में भी गिरावट दर्ज की जाएगी।
  • गुजरात का केवडिया इलाका देश के ऐसे पहले शहर के रुप में जाना जाएगा, जहां केवल इलेक्ट्रिक वाहन चलेंगे।

EV's in India
इन कारों की रहेगी डिमांड

  • फिलहाल भारत में टाटा नेक्सॉन और टाटा Tigor ही मुख्य रूप से ईवी की सप्लाई कर रहीं हैं।
  • टाटा की इन गाड़ियों की कीमत पेट्रोल-डीजल वेरिएंट से कुछ ज्यादा है।
  • Tigor की बात करें तो इसका टॉप ईवी वेरिएंट 10 लाख तक है।
  • वहीं नेक्सॉन का टॉप ईवी वेरिएंट 16 लाख तक का है।
  • वहीं एमजी ने भी इस सेक्टर में अपना कदम रखा है।
  • इसकी टॉप ईवी वेरिएंट की कीमत 20 लाख से शुरू होकर 24 लाख तक है।
  • इसी कड़ी में हुंडई, महिंद्रा और फॉक्सवेगन भी अपनी तैयारी में हैं।

 

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) द्वारा जारी पिछले 6 के आंकड़ों को देखा जाए तो ई-व्हीकल सेगमेंट में सात गुना की ग्रोथ हुई है, लेकिन ये आंकड़े काफी छोटे हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतों के शतक के बाद अब इलेक्ट्रिक कार लोगों के लिए बेहतर ऑप्शन बन सकती है।

 

Hyundai kona alshorts

ऐसे समझिए ईवी का गणित

  • आपने किसी कंपनी की 14 लाख रुपए कीमत वाली ईवी खरीदी।
  • आपकी रोजाना 50 किमी का सफर तय करते हैं, ईवी बिजली यूनिट के हिसाब से चार्ज होगी।
  • 8 रुपए यूनिट के हिसाब से ईवी को एक सिंगल चार्ज करने में 30 यूनिट के 240 रुपए खर्च होंगे।
  • माना लेते 240 रुपए के खर्च में ईवी 300 से 312 किलोमीटर की रेंज देती है।
  • यानी कार को सिंगल चार्ज करने के बाद आप 6 दिन आसानी से चला सकते हैं।
  • महीनेभर में कार को 5 बार ही चार्ज करना होगा।
  • 150 यूनिट प्रति 8 रुपए के हिसाब से 1200 रुपए एक महीने में खर्च होंगे।
  • पेट्रोल-डीजल की तुलना में ईवी लगभग 1 लाख रूपए की सेविंग्स करवाएगी।

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