Commit to Quit अभियान के जरिए तंबाकू सेवन हुआ कम!
मई 30, 2021 | By - Gaurav Sen

Commit to Quit अभियान के जरिए तंबाकू सेवन हुआ कम!

किसी ने सच ही कहा है, मौत का डर क्या नहीं करा दे! जिसका हाल ही का उदाहरण विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की जारी एक Commit To Quit अभियान की रिपोर्ट में देखने को मिल रहा है। इस रिपोर्ट में बताया गया है 10 करोड़ लोगों ने तंबाकू के सेवन के तौबा कर ली है। लेकिन, लोगों द्वारा तंबाकू का सेवन (पान मसाला, धूम्रपान) इसलिए नहीं छोड़ा गया कि उन्हें गंभीर बीमारी हो सकती है।

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सेवन इसलिए छोड़ा गया है कि कहीं वे कोरोना की चपेट में नहीं आ जाएं, क्योंकि कोरोना कम इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए प्राणघातक सिद्ध हो रहा है। तंबाकू (Tobacco) का सेवन फेंफड़ों और शरीर के आंतरिक हिस्सों को बुरी तरह प्रभावित करता है। हालांकि, 10 करोड़ का आंकड़ा दुनिया की आबादी की तुलना में ज्यादा नहीं, लेकिन ये 10 करोड़ लोग केवल 29 देशों के हैं उस मायने में बड़ा काम विश्व स्वास्थ्य संगठन की मुहीम Commit to Quit ने कर दिखाया है। तो आज Alshorts आपको Commit to Quit अभियान की प्रमुख बातें बताने जा रहा है…

29 देशों में चलाया गया Commit to Quit अभियान

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार ‘Commit to Quit’ Tobacco Campaign 2021 ने कम से कम 100 मिलियन (10 करोड़) लोगों को तंबाकू सेवन से छुटकारा दिलाने में मदद करने का लक्ष्य रखा गया था। इस अभियान के जरिए 29 देशों के 10 करोड़ लोगों ने केवल साल 2021 के शुरुआती 5 महीनों में ही तंबाकू सेवन को ना बोल दिया है। लोगों को कैंसर से ज्यादा कोरोना की चपेट में आने से कम इम्यूनिटी होने के चलते गंभीर बीमार या मृत्यु होने का डर सताया और उन्होंने धूम्रपान और तंबाकू सेवन को दूरी बना ली है।

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WHO महानिदेशक का तंबाकू नियंत्रण पुरस्कार

WHO महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने भारत के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री, डॉ हर्षवर्धन और ब्रिटेन के बाथ विश्वविद्यालय में तंबाकू नियंत्रण अनुसंधान समूह को तंबाकू नियंत्रण के लिए विशेष मान्यता पुरस्कार दिए हैं।

एक नजर विश्व स्वास्थ्य संगठन के इन आंकड़ों पर

– WHO के अनुसार, विश्व में विश्व के 780 मिलियन लोग तंबाकू सेवन के मुक्ति पाना चाहते हैं, लेकिन 30 प्रतिशत ही ऐसे लोग हैं जिनके पास तंबाकू सेवन छोड़ने के साधन हैं।
– हर साल 8 मिलियन लोग धूम्रपान (Smoking) के कारण अपनी जान गंवाते हैं।
– टोबैको फ्री किड्ज नाम के संगठन के अनुसार, अमेरिका मे हर साल 480000 लोगों की मौत तंबाकू सेवन से होती है
– अमेरिका के सीडीसी ( सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ) की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में करीब 16 मिलियन लोग तंबाकू सेवन से हुई बीमारियों से साथ जिंदगी जी रहे हैं।
(कुछ ऐसे ही आंकड़े भारत समेत अन्य देशों के भी हैं)

धूम्रपान करने वालों को ज्यादा खतरा

विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओऱ से कहा गया कि, धूम्रपान करने वालों को कोरोना संक्रमण होने से गंभीर बीमारी होने के खतरा 50% अधिक है। साथ ही ऐसे लोगों की मौत होने का खतरा भी ज्यादा बना रहा है

– विश्व में 39% पुरुष और 9% महिलाएं तंबाकू सेवन करते हैं। जिसमें 26% यूरोपियन लोग सबसे ज्यादा धूम्रपान करते हैं।

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31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस

– 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस है, इस साल के दिवस की थीम ‘छोड़ने के लिए प्रतिवद्ध’ (Commit to Quit) रखी गई है।
– टोबैको डे की शुरूआत विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा की गई थी
– 1987 में तंबाकू के सेवन से होने वाली मौतों में वृद्धि के कारण इसे एक महामारी माना गया था
– पहली बार 7 अप्रैल 1988 को WHO की वर्षगांठ पर इसे मनाया, तब से हर साल 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के रूप में मनाया जाता है।

अभियान में डिजिटल माध्यमों की ली गई मदद

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 29 देशों में Commit To Quit अभियान को सफल बनाने के लिए सोशल मीडिया की मदद ली।

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जिसमें निजी क्षेत्र की कंपनियों को भी शामिल किया गया है। जिसमें एलन कैर की ईज़ीवे, अमेज़ॅन वेब सर्विसेज, सिप्ला, फेसबुक, व्हाट्सएप, गूगल, जॉनसन एंड जॉनसन, प्राकेल्ट और सोल मशीन शामिल हैं।

तंबाकू सेवन से होने वाली बीमारियां

– कैंसर
– दिल से जुड़ी गंभीर बीमारी
– दांतों की बीमारी
– मधुमेह जैसी कई गंभीर और जानलेवा बीमारी

इन 29 देशों में चलाया गया Commit to Quit अभियान

मिस्र का अरब गणराज्य
तिमोर-लेस्ते लोकतांत्रिक गणराज्य
इथियोपिया के संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य
जर्मनी संघीय गणराज्य
नाइजीरिया के संघीय गणराज्य
ब्राजील के संघीय गणराज्य
जॉर्डन का हाशमी साम्राज्य
ईरान की इस्लामी गणराज्य
इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान
किर्गिज गणराज्य
पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ बांग्लादेश
चीनी जनवादी गणराज्य,
भारत की स्वतंत्रता
इंडोनेशिया गणराज्य
कजाकिस्तान गणराज्य
केन्या गणराज्य
फिलीपाइंस गणतंत्र,
पोलैंड गणराज्य
सेनेगल गणराज्य
दक्षिण अफ्रिकीय गणतंत्र
सूरीनाम गणराज्य
तुर्की का गणतंत्र
उज़्बेकिस्तान गणराज्य
सूडान गणराज्य
रूसी संघ
वियतनाम समाजवादी गणराज्य
संयुक्त मैक्सिकन राज्य
संयुक्त राज्य अमेरिका
यूक्रेन

सोर्स- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)

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