कोरोना एक महामारी या चीन की सोची समझी साजिश: रिपोर्ट
मई 10, 2021 | By - Abhishek Pandey

कोरोना एक महामारी या चीन की सोची समझी साजिश: रिपोर्ट

कोरोना वायरस और चीन (CoronaVirus and China) को लेकर शुरू से ही एक संदिग्ध नज़रों से देखा जा रहा था। कोरोना के शुरुआती दिनों में जमकर चीन से कई रिपोर्ट पेश की गई थी जिनमें उसके वेट मार्केट (Wuhan Wet market) का हवाला देते हुए वायरस को एक प्राकृतिक आपदा के रूप में पेश किया जा रहा था। एक बार फिर सबकी नजरें चीन की ओर टिक गई हैं। कई रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि यह मानव जनित वायरस ही है। जिसमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूके समेत इजराइल तक ने चीन अपनी निगाहें टेढ़ी की हैं। क्या है यह मसला और कौन-कौन से देशों ने फिर उठाए हैं चीन पर सवाल? इन्हीं सबके जवाब लेकर आया है ालशोर्ट्स, जहां आपको इस मुद्दे से जुड़ी सारी जानकारी एक ही जगह पर मिलेगी।

कोरोना वायरस को लेकर हैरान करने वाली रिपोर्ट सामने आई है, इस रिपोर्ट के अनुसार, साल 2015 में चीन के वैज्ञानिकों ने बताया था कि चीन जैविक हथियार बना रहा है और इसी दौरान कोरोना वायरस का भी जिक्र किया गया था।

यूके से आई रिपोर्ट!

यूके ने कोरोना वायरस से जुड़ी एक रिपोर्ट पेश करते हुए कहा है कि अमेरिकी विदेश विभाग कुछ ख़ुफ़िया जानकारी जुटाई गई है। जिसमें बताया गया है कि साल 2015 में चीनी वैज्ञानिकों ने जांच की थी और कथित तौर पर पता चला था कि चीन में जैविक हथियार (predicted a World War III fought with biological weapons) बनाने की तैयारी की जा रही है। जांच में माना गया था कि ये हथियार विश्व युद्ध 3 की भविष्यवाणी की हो सकती है। इसके लिए चीन ने पहले से ही तैयारी कर ली है और ऐसे में उन्होंने जैविक हथियार के रूप में इसे ईजाद किया है।

Coronavirus

क्या कहती है ‘व्हाट रियली हैपेंड इन वुहान’?

जानकारी के मुताबिक चीनी वैज्ञानिकों के दस्तावेज से मिली जानकारी के आधार पर एक किताब लिखी गई है, जिसका नाम ‘व्हाट रियली हैपेंड इन वुहान’ (What Really Happened In Wuhan) रखा गया है। इस किताब के लेखक शार्री मार्कसन (Sharri Markson) हैं। वे लिखते हैं, कोरोना कि उत्पत्ति का रहस्य कई षड़यत्रों में डूबा है। कहीं से अफवाह आती है कि यह वुहान के वेट मार्केट की देन है तो कुछ का कहना है कि यह प्रयोगशाला में बना एक वायरस है। जानकारों की मानें तो उनका मत है कि यह चीनी सेना के लिए बनाया गया एक तरह का बयोवेपन है। उन्होंने लिखा कि इसमें कई लोगों की जानें गई हैं, तो कइयों ने अपने परिवारों को खो दिया लेकिन सवाल जस का तस है कि आखिर यह वायरस आया कहां से?
उनकी इस किताब में वायरस और चीन के संबंधों को बेहद करीब से दिखाया गया है। उन्होंने कई गवाहों को शामिल करते हुए एक शोधपरक किताब लिखी है।

 

Covid-19 china virus

क्या कहता है अमेरिका?

अमेरिकी अधिकारियों ने कथित तौर पर उन दस्तावेजों को हासिल किया जिसमें साल 2015 में सैन्य वैज्ञानिकों और वरिष्ठ चीनी सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने कोविड 19 की उत्पत्ति का जिक्र किया है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि चीनी वैज्ञानिकों ने बताया है कि कोरोना वायरस वायरसों का एक बड़ा परिवार है, जो मनुष्यों में सांस की बीमारी पैदा करता है और इसके लक्षण सर्दी, खांसी और बुखार हैं। वहीं अमेरिकी वायु सेना के कर्नल माइकल जे आइंसकॉफ (colonel Michael J. Ainscough) ने विश्व युद्ध 3 की भविष्यवाणी करते हुए कहा था कि उसे जैव हथियारों से लड़ा जाएगा।

 

weaponizing coronaviruses

इजराइल पर भी गौर कीजिए!

इजराइली राजदूत रॉन माल्का (Ron Malka) ने का कहना है कि कोरोनावायरस के बारे में एक बात में जोर देकर कहना चाहता हूं। यह वायरस बेहद संदिग्ध किस्म का है। यह हम पर बार-बार और अलग-अलग रूप में आकर चौंका देता है। हम जैसे ही सोचते हैं कि हमें इससे छुटकारा मिला और यह अलग रूप में आकर चौंका देता है। हमारे देश ने 3 लहरें झेली हैं, और सिर्फ टीकाकरण के दम पर ही हमने इस बीमारी को मात दी है।

 

रिपोर्ट्स की मानें तो महामारी के जानकारों ने कहा है कि चीन ने कुछ ऐसा हथियार ईजाद किया हो जिसे महामारी कि शक्ल दी गई हो। कुछ भी हो सकता है, फिलहाल देश-दुनिया सभी वैक्सीन के भरोसे हैं और उसी पर काम कर रहे हैं। समय-समय पर हम इस बार में आपको अपडेट करते रहेंगे। देश-दुनिया से जुड़े मुद्दों पर गहरी नजर रखने के लिए जुड़े रहिए AlShorts के साथ…

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