इजराइल-हमास के बीच युद्धविराम, किसकी जीत किसकी हार, पूरा विश्लेषण यहां पढ़ लीजिए
मई 21, 2021 | By - नितिन सिंह भदौरिया

इजराइल-हमास के बीच युद्धविराम, किसकी जीत किसकी हार, पूरा विश्लेषण यहां पढ़ लीजिए

इजराइल ( Israel) और फिलिस्तीनी (Palestine) संगठन हमास (Israel and hamas Conflict) के बीच 11 दिनों से जारी संघर्ष अब मिस्र की मध्यस्थता के बाद थम गया है। इजराइली सुरक्षा कैबिनेट ने सर्वसम्मति से द्विपक्षीय बिना शर्त युद्धविराम पर सहमति जताई है। इसको लेकर सैंकड़ों लाशें समेट चुके गाजा शहर में जश्न का माहौल है तो हमास इसे अपनी जीत के रूप में देख रहा है। हमास के एक वरिष्ठ नेता ने लोगों को संबोधित करते हुए इजराइल के साथ हुए इस संघर्ष में अपनी जीत का दावा किया है। साथ ही हमास ने चेतावनी दी कि उसके हाथ अभी भी ट्रिगर पर है।

क्यों हो रही इजराइली पीएम की आलोचना?

इजराइल के पीएम

इस युद्धविराम (ceasefire between israel and palestine) की घोषणा के फैसले के बाद से इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू  (israeli pm benjamin netanyahu) दक्षिणपंथी सांसदों के निशाने पर आ गए हैं। इजराइल में न्यू होप के नेता गिडीओन सआर ने सरकार की योजना की आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि युद्ध विराम से इजराइली संकल्प पर बुरा असर पड़ेगा। सआर का कहना है कि युद्धविराम को लागू करना हमास को मज़बूत करना होगा और इजराइली हितों को नुक़सान पहुंचेगा। बिना किसी प्रतिबंध के युद्धविराम को मानना राजनीतिक समझदारी वाला फ़ैसला नहीं है। भविष्य में इजराइल को इसकी क़ीमत चुकानी पड़ सकती है

क्या इजराइल के लिए खतरा है युद्धविराम?

इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष विराम

इजराइल की दक्षिणपंथी पार्टी यइजराइल बेतेनु के प्रमुख अविग्डोर लिबरमैन ने कहा कि यह नेतन्याहू की एक और नाकामी है। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा कि हमास इजराइल के लिए ख़तरा है क्योंकि अतीत में ग़लतियां हुई हैं और इस बार के युद्धविराम से हमास और मज़बूत होगा।

जंग से नेतन्याहू को राजनीतिक फायदा

कुछ राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हमास के साथ जंग से इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को राजनीतिक फायदा पहुंचा है।जिस दिन विपक्षी पार्टियां राष्ट्रपति से मिलकर बताने वाली थीं कि उनके पास सरकार बनाने का बहुमत है, उसी दिन इजराइल और फिलिस्तीन के बीच जंग छिड़ गई। बता दें कि बेंजामिन नेतन्याहू संसदीय चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें जीतने के बावजूद सरकार बनाने में नाकाम रहे हैं। अब विपक्षी पार्टियों के पास 2 जून तक का समय है। हालांकि, जंग के बाद बने माहौल में नेतन्याहू को हटाना आसान नहीं होगा।

दो साल में पांचवी दफा हो सकता है चुनाव

साल 2021 की शुरुआत में हुए चुनाव इजराइल में दो सालों से भी कम समय में हुए चौथे चुनाव थे। अगर विपक्षी पार्टियां 2 जून तक सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करती हैं तो इजरायल में पांचवी बार चुनाव हो सकते हैं। एक सर्वे के मुताबिक एक सर्वे के मुताबिक, तब 70 फीसदी लोग मानते थे कि देश पांचवे चुनाव की ओर बढ़ रहा है। पीएम नेतन्याहू पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं, लेकिन वो इसे ‘तख्तापलट’ की कोशिश बताते हैं। वो 12 साल से प्रधानमंत्री हैं, चार चुनाव हो चुके हैं पर वो कुर्सी पर कायम है। अगर पांचवा चुनाव भी होता है तब भी युद्ध के बाद की स्थिति नेतन्याहू के लिए माकूल है। उन्हें हमेशा से ऐसी परिस्थिति का फायदा मिलता रहा है।

संघर्ष विराम का अमेरिका ने किया स्वागत

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने किया संघर्ष विराम का स्वागत

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इजराइल और फिलिस्तीन के संघर्ष विराम का स्वागत करते हुए कहा कि यह आगे बढ़ने का एक वास्तविक अवसर है। उन्होंने मध्यस्थता के प्रयासों के लिए मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी को धन्यवाद दिया। बाइडेन ने कहा, मेरा मानना है कि इजराइल और फिलिस्तीन दोनों समान रूप से सुरक्षित और शांतिपूर्ण जीवन और समान स्वतंत्रता, समृद्धि और लोकतांत्रिक मूल्यों के हकदार हैं।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेश ने भी संघर्ष विराम का स्वागत किया और मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने फिलिस्तीन और इजराइल से समस्या की जड़ तक जाने और इसका समाधान निकालने का भी आग्रह किया। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल ने भी दोनों पक्षों के बीच हुए संघर्ष विराम का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि नागरिकों के लिए शांति और सुरक्षा के लिए इस अवसर का लाभ लिया जा सकता है।

इजराइल और फिलिस्तीन के बीच कब शुरू हुआ था संघर्ष

इजराइल और फिलिस्तीन के बीच संघर्ष (Israel Palestine Conflict) 10 मई को शुरू हुआ जब यहां यरुशलम दिवस मनाया जाता है। इससे पहले इजराइल और फ़लस्तीनी चरमपंथियों के बीच पूर्वी यरुशलम को लेकर बीते कई हफ़्ते से तनाव था। 7 मई को अल-अक़्सा मस्जिद के पास यहूदियों और अरबों में झड़प हुई जिसे दोनों ही इसे पवित्र स्थल मानते हैं। इसके दो दिन बाद इजराइल और हमास ने एक-दूसरे पर हमले शुरू कर दिए।

इजराइल और फिलिस्तीन के संघर्ष में सैंकड़ों ने गवांई जान

इजराइल और फिलिस्तीन संघर्ष में सैंकड़ों की मौत

गाजा पट्टी (Gaza Ceasefire) से हमास ने इजराइल पर 4,000 से अधिक रॉकेट दागे और कई रॉकेट तो इजराइल के भीतर तक जा पहुंचे, हालांकि आयरन डोम हवाई प्रतिरक्षा सिस्टम ने हमास के रॉकेटों को हवा में ही नष्ट कर दिया। दोनों देशों के बीच जारी इस संघर्ष में कम से कम 217 फिलिस्तीनी और 12 इजराइली मारे गए हैं।

क्या है “यरुशलम दिवस”

यरुशलम दिवस वर्ष 1967 में इसराइल द्वारा पूर्वी-यरुशलम पर क़ब्ज़ा करने की याद में मनाया जाता है और इस अवसर यानि 10 मई को यहूदी नौजवान मुस्लिम इलाक़ों से एक मार्च निकालते हैं। अधिकांश फ़िलिस्तीनी इसे जानबूझकर उकसाने के लिए की जाने वाली हरकत मानते हैं। इस आयोजन में कई बार हज़ारों की भीड़ देखी गई है। इस अवसर पर यहूदी लोग पुराने यरुशलम में स्थित वेस्टर्न वॉल तक मार्च करते हैं। वेस्टर्न वॉल को यहूदियों में एक पवित्र स्थल माना जाता है।

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