नेतन्याहू युग का अंत: जानिए कौन हैं इजराइल के नए प्रधानमंत्री नेफ्ताली बेनेट!
जून 14, 2021 | By - Vaibhav Sharma

नेतन्याहू युग का अंत: जानिए कौन हैं इजराइल के नए प्रधानमंत्री नेफ्ताली बेनेट!

लम्बी जद्दोजहद और कई कयासों के बाद आखिर इजराइल को अपना नया प्रधानमंत्री (Israel new Prime Minister) मिल ही गया। हालांकि, बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) के जाने के बावजूद भी इजराइल की विदेश नीति में कोई बदलाव नहीं होने की आशंकाएं जताई जा रहीं हैं। बेंजामिन नेतन्याहू की तरह ही नए प्रधानमंत्री नेफ्ताली बेनेट (Naftali Bennett) भी आर्मी बैकग्रॉउंड से ही ताल्लुक रखते हैं। आज की कड़ी में हम नेफ्ताली बेनेट (Who is Naftali Bennett?) के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे।

 

यहां सबसे पहले हमें नेतन्याहू के बारे में जानना होगा, आखिर क्यों ये चुनाव वैश्विक चर्चा का कारण रहा।

 

नेफ्ताली बेनेट

12 साल बाद नेतन्याहू युग का अंत

इसराइली संसद में नई गठबंधन सरकार के पक्ष में बहुमत होने के चलते नेतन्याहू (End of Netanyahu Era) को अपना पद गंवाना पड़ा। हालांकि, बेंजामिन नेतन्याहू ने आख़िरी समय तक उम्मीद नहीं छोड़ी थी, इसका अंदाज़ा इससे लगाया जा सकता है कि विपक्षी गठबंधन को 60 प्रतिनिधियों का समर्थन मिला जबकि नेतन्याहू को 59 प्रतिनिधियों का समर्थन मिला था। वे दक्षिण पंथी लिकुड पार्टी के प्रमुख और इसराइली संसद में नेता, प्रतिपक्ष बने रहेंगे। आपको बता दें कि वे 12 साल तक इजराइल के प्रधानमंत्री रहे थे। नेतन्याहू इजराइल के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे। वे पांच बार इसराइल के प्रधानमंत्री चुने गए। पहली बार वे 1996 से 1999 तक प्रधानमंत्री रहे, इसके बाद 2009 से 2021 तक वे लगातार सरकार का नेतृत्व करते रहे।

New Israeli PM Neftali Bennett

इंटरनेट पर आज का दिन नेफ्ताली के नाम रहा, भारत समेत कई देशों में सबसे अव्वल ट्रेंडिंग कर रहे नेफ्ताली/नेफ्टाली ने खूब चर्चा बटोरी।

  • नेफ्ताली के पिता अप्रवासी अमेरिकी यहूदी थे, जो 1967 में इजराइल पलायन कर गए।
  • 1990 में पहली बार नेफ्ताली ने इजराइल सेना में अपनी सेवाएं दी।
  • बेनेट ने 1982-2000 दक्षिण लेबनान संघर्ष के दौरान लेबनान में इजरायली सुरक्षा क्षेत्र में सेवा की।
  • इसी दौरान उन्होंने एक अधिकारी के रूप में बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया।
  • यह Operation Grapes of Wrath के नाम से जाना गया।
  • यह एक विवादित ऑपरेशन था, जिसमें कई लेबनानी नागरिक मारे गए थे, जिसे वैश्विक दबाव के कारण बंद करना पड़ा।
  • साल 2006 में उन्होंने बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व में राजनीति में प्रवेश किया।

 

नेफ्ताली बेनेट नए प्रधानमंत्री

कैसा रहा नेफ्ताली बेनेट का राजनैतिक सफर?

  • वह नेतन्याहू के चीफ ऑफ स्टाफ बनाए गए।
  • साल 2012 में नफ्ताली बेनेट द जुइश होम नाम की पार्टी पर संसद के लिए चुने गए।
  • वे न्यू राइट और यामिना पार्टी से भी नेसेट के सदस्य बने।
  • 012 से 2020 के बीच नेफ्टाली 5 बार इजरायली संसद के सदस्य बन चुके हैं।
  • 2019 से 2020 के बीच वह इजरायल के रक्षा मंत्री भी रहे हैं।
  • वे अपने सिर पर किप्पाह पहनते हैं, जिसे अक्सर धार्मिक यहूदी अपना सिर ढंकने में प्रयोग करते हैं।

फलस्‍तीन की स्‍वतंत्रता के कट्टर विरोधी…

  • साल 2019 तक हर गठबंधन सरकार में नेफ़्टाली मंत्री बने।
  • साल 2019 में नेफ़्टाली के नए दक्षिणपंथी गठबंधन को एक भी सीट पर जीत नहीं मिली।
  • 11 महीने बाद फिर चुनाव हुए और नेफ़्टाली यामिना पार्टी के प्रमुख के तौर पर संसद में चुनकर पहुंचे।
  • नेफ़्टाली को नेतन्याहू से भी अधिक अति-राष्ट्रवादी माना जाता है।
  • नेफ़्टाली इसराइल की यहूदी राष्ट्र के तौर पर वक़ालत करते हैं।
  • इसके साथ ही वे वेस्ट बैंक, पूर्वी यरुशलम और सीरियाई गोलान हाइट्स को भी यहूदी इतिहास का हिस्सा बताते हैं।
  • इन इलाक़ों पर 1967 के मध्य-पूर्व युद्ध के बाद से इसराइल का नियंत्रण है।
  • नेफ़्टाली वेस्ट बैंक में यहूदियों को बसाने का समर्थन करते हैं और इसे लेकर वो काफ़ी आक्रामक रहे हैं।

इजराइल के नए प्रधानमंत्री नेफ्ताली बेनेट

इस बयान से आप नेफ्ताली की आक्रामकता समझ सकेंगे…

बकौल नेफ्ताली- फ़रवरी 2021 में नेफ़्टाली ने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘जब तक मैं किसी भी रूप में सत्ता में हूं, तब तक एक सेंटीमीटर ज़मीन भी किसी को नहीं दी जाएगी।

नेतन्याहू बनाम नेफ्ताली बेनेट

कहा जाता है कि नेफ्ताली को राजनीति में लाने वाले नेतन्याहू ही थे। उन्हें को एक समय तक नेतन्याहू का वफ़ादार माना जाता था। नेतन्याहू से अलग होने से पहले तक नेफ़्टाली 2006 से 2008 तक इसराइल के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ रहे थे। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। नेतन्याहू की लिकुड पार्टी छोड़ने के बाद नेफ़्टाली दक्षिणपंथी धार्मिक यहूदी होम पार्टी में चले गए थे। 2013 के आम चुनाव में नेफ़्टाली इसराइली संसद में चुनकर पहुंचे।

ये हुआ समझौता…

नेफ़्टाली को नेतन्याहू और विपक्षी नेता येर लेपिड के साथ प्रधानमंत्री का पद साझा करने का प्रस्ताव दिया गया था। आख़िरकार दक्षिणपंथी नेफ़्टाली ने मध्यमार्गी येर लेपिड के साथ जाने का फ़ैसला किया जबकि दोनों में विचारधारा के स्तर पर काफ़ी दूरियां हैं। दोनों दलों में हुए समझौते के मुताबिक नेफ़्टाली सितंबर, 2023 तक इसराइल के प्रधानमंत्री रहेंगे और इसके बाद अगले दो साल की कमान येर लेपिड के हाथों में होगी।

angry neftali

कितने कट्टर हैं नेफ्ताली बेनेट

उनसे जुड़े करीबी बताता हैं कि उन्हें नेतन्याहू से भी कट्टर राष्ट्रवादी माना जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। वे चाहते हैं कि यहूदियों की बस्तियों का तेजी से विस्तार किया जाए। नेफ़्टाली का मानना है कि यहूदियों को बसाने के मुद्दे पर नेतन्याहू की नीति भरोसे लायक़ नहीं है। वे मीडिया बहसों का हिस्सा बनना पसंद करते हैं, क्योंकि उनके पास इजराइल के पक्ष में बोलने के लिए काफी कुछ है। गाहें-बगाहें वे अक्सर विदेशी मीडिया चैनलों को इंटरव्यू देते नजर आ जाते हैं। घरेलू टीवी बहसों में नेफ़्टाली बिना लाग लपेट के और आक्रामक होकर बोलते हैं।

 

एक बार एक अरब-इसराइली सांसद ने कहा था कि इसराइल को वेस्ट बैंक में यहूदी बस्तियां बसाने का कोई अधिकार नहीं है। जिसपर अपना आक्रामक दिखाते हुए नेफ्ताली ने साफ़ कहा था- जब आप लोग पेड़ों पर झूले झूलते थे, तब से यहां एक इजराइली स्टेट मौजूद था।

 

नेफ़्टाली की पृष्ठभूमि राजनीति में आने से पहले सैन्य अधिकारी और कारोबारी की थी। वे इसराइली विशेष बलों की दो ब्रांचों में सेना में रहने के दौरान सेवा दे चुके हैं। सेना में सेवा देने के बाद उन्होंने कई हाई-टेक कंपनियों को खड़ा किया और इससे उन्होंने धन कमाया। लेकिन, कई बार सार्वजनिक स्थानों पर बोलते हुए वे इस कारोबारी की इमेज से बचते नजर आते हैं।

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